पर्यायवाची शब्द किसी शब्द-विशेष के लिए प्रयुक्त समानार्थक शब्दों को पर्यायवाची शब्द कहते हैं। यद्यपि पर्यायवाची शब्द समानार्थी होते हैं किन्तु भाव में एक-दूसरे से किंचित भिन्न होते हैं। •अमृत- सुधा, सोम, पीयूष, अमिय। •असुर- राक्षस, दैत्य, दानव, निशाचर। •अग्नि- आग, अनल, पावक, वह्नि। •अश्व- घोड़ा, हय, तुरंग, बाजी। •आकाश- गगन, नभ, आसमान, व्योम, अंबर। •आँख- नेत्र, दृग, नयन, लोचन। •अहंकार- दंभ, गर्व, अभिमान, दर्प, मद, घमंड। •अमृत- सुधा, अमिय, पीयूष, सोम, मधु, अमी। •असुर- दैत्य, दानव, राक्षस, निशाचर, रजनीचर, दनुज, रात्रिचर। •अतिथि- मेहमान, अभ्यागत, आगन्तुक, पाहूना। •अनुपम- अपूर्व, अतुल, अनोखा, अदभुत, अनन्य। •अर्थ- धन्, द्रव्य, मुद्रा, दौलत, वित्त, पैसा। •अश्व- हय, तुरंग, बाजी, घोड़ा, घोटक। •अंधकार- तम, तिमिर, तमिस्र, अँधेरा। •आम- रसाल, आम्र, सौरभ, मादक, अमृतफल, सहुकार। •आग- अग्नि, अनल, हुतासन, पावक, दहन, ज्वलन, धूमकेतु, कृशानु, वहनि, शिखी, वह्नि। •आँख- लोचन, नयन, नेत्र, चक्षु, दृग, विलोचन, दृष्टि, अक्षि। •आकाश- नभ, गगन, अम्बर, व्योम, अनन्त, आसमान, अंतरि...